Friday, May 7, 2010

2 comments:

  1. कूची से तराशी और कलम से सवारी हुई
    ममता की बेजोड मर्मस्‍पर्शी अभिव्‍यक्ति ...साधुवाद ।।

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  2. ummed ji or narendra ji sarahana ke liye tahe dil se shukriya

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